जानें Engineers Day कब और क्यों मनाया जाता है | Know About Engineers Day In Hindi

Engineers Day :-

Sir Mokshagundam Visvesvaraya की उपलब्धियों और देश के लिए उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए यह देश भारत उनके जन्मदिन 15 सितंबर को हर वर्ष अभियंता दिवस (Engineers Day) मनाता है | Sir M Visvesvaraya भारत के पहले और बहुत बड़े इंजीनियर थे | उनके द्वारा निर्मित बाँध (Dam) आज भी कार्य कर रहे हैं | यह उनकी प्रतिभा , कौशल, ईमानदारी और समर्पण का प्रमाण हैं | इसलिए 15 सितंबर 2016 का अभियंता दिवस (Engineers Day), सबसे बड़े भारतीय इंजीनियर भारत रत्न M Visvesvarayya को श्रद्धांजलि देने के लिए उल्लेखनीय है |

engineer-day-wishes-quotes-image-message-wallpaper-sms-2

Sir M Visvesvaraya :-

Mokshagundam Visvesvaraya , KCIE  जो Sir MV के रूप में लोकप्रिय थे एक इंजीनियर, विद्वान, राजनेता और 1912 से 1918 के बीच मैसूर के दीवान थे | इनका जन्म 15 सितम्बर 1861 में मैसूर राज्य में हुआ था | Sir Visvesvaraya ने 12 साल की उम्र में ही अपने पिता को खो दिया था | उन्होंने चिकबल्लपुर से प्राथमिक स्कूल (Primary School) करने के बाद हाई स्कूल (High School) के लिए बैंगलोर में दाखिला लिया | उन्होंने सेन्ट्रल कॉलेज, बंगलौर जो 1881 में मद्रास विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हो गया से Betchlor of Arts अर्जित किया | और बाद में इंजीनियरिंग, पुणे के प्रतिष्ठित कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग का अध्ययन किया |

mokshagundam-visvesvarayya

विश्वेश्वरैया ने मुंबई के लोक निर्माण विभाग (PWD) में नौकरी की और बाद में भारतीय सिंचाई आयोग में शामिल होने के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया था | उन्होंने डेक्कन क्षेत्र में सिंचाई की एक अत्यंत जटिल प्रणाली लागू की | उन्हें 1955 में भारतीय गणतंत्र के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया | जनता की भलाई के लिए उनके योगदान के लिए King George V  ने उन्हें ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य ( KCIE ) में एक Knight Commander के रूप में Knight की उपाधि दी गई थी | मैसूर के कृष्णराजसागर बांध (Krishna Raja Sagara) के निर्माण के लिए उन्हें मुख्य इंजीनियर (chief engineer) और हैदराबाद के शहर के लिए बाढ़ सुरक्षा प्रणाली (flood protection system) के मुख्य डिजाइनर (chief designer) के रूप में जाना जाता है |

Sir MV के बारे में 5 चीजें बातें जिन्हें आपको जानना चाहिए :-

  1. पुणे के प्रतिष्ठित कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग का अध्ययन करने के बाद विश्वेश्वरैया ने मुंबई के लोक निर्माण विभाग (PWD) में नौकरी की |
  2. उन्होंने automatic sluice gates का निर्माण किया जिन्हें बाद में Tigra बांध ( मध्य प्रदेश में) और KRS बांध ( कर्नाटक में ) के लिए उपयोग किया गया था | इस patent design के लिए वह Royalty के रूप में एक अच्छी आय प्राप्त कर सकते थे लेकिन उन्होंने मना कर दिया जिससे सरकार ने इन पैसों का इस्तेमाल परियोजनाओं के और अधिक विकास के लिए कर ले |
  3. 1895 से 1905 के बीच , उन्होंने भारत के विभिन्न हिस्सों में काम किया :-
    • हैदराबाद में उन्होंने जल निकासी प्रणाली में सुधार के लिए कार्य किया |
    • बंबई में उन्होंने सिंचाई और water weir flood gates की ब्लॉक प्रणाली शुरू की |
    • बिहार और उड़ीसा में वे रेलवे पुल परियोजना और जलापूर्ति योजनाओं के निर्माण का एक हिस्सा थे |
    • मैसूर में उन्होंने KRS बांध , जो एशिया का सबसे बड़ा बांध है के निर्माण का निरीक्षण किया |
  4. उन्हें 1908 में मैसूर के Dewanship (प्रधानमंत्री की स्थिति) की पेशकश और सभी विकास परियोजनाओं की पूरी जिम्मेदारी दी गई थी | उनकी Dewanship के तहत मैसूर की कृषि, सिंचाई , औद्योगीकरण , शिक्षा, बैंकिंग और वाणिज्य के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देखा गया |
  5. इंजीनियरिंग की दिशा में उनके योगदान के लिए उन्हें 1955 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था |

engineers-day

उन्होंने न केवल भारत सरकार द्वारा प्रशंसा प्राप्त की बल्कि दुनिया भर से मानद पुरस्कार और सदस्यता प्राप्त की | हमारे देश के पुनर्निर्माण में मदद करने के लिए सभी इंजीनियरों को को बहुत-2 शुक्रिया और सभी इंजीनियरों को अभियन्ता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं |

Happy Engineer’s Day    !

 

loading...

Leave a Reply