Union Budget 2017-18 के मुख्य बिंदु

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा (Lok Sabha) में केंद्रीय बजट 2017-18 (Union Budget 2017-18) प्रस्तुत किया इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं :-

  • भारत विश्व आर्थिक मंदी (world economic gloom) के दौर में भी एक उज्ज्वल देश के रूप में खड़ा है |
  • वित्त मंत्री ने कहा की हमारा ध्यान युवाओं के सक्रिय विकास और उन्हें रोजगार का लाभ देने पर होगा |
  • IMF का अनुमान है कि 2017 में दुनिया की GDP में 3.4 फीसदी तक की बृद्धि होगी |
  • बढ़ती तेल और डॉलर (dollar) की कीमतों, अस्थिर कमोडिटी (volatile commodity) की कीमतों को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम के रूप में देखा जा रहा है |
  • भारत की अर्थव्यवस्था में पिछले एक साल में ऐतिहासिक सुधार देखा गया है और इसे वैश्विक विकास के इंजन (engine of global growth) के रूप में देखा जा रहा है |
  • Demonetisation एक साहसी और निर्णायक फैसला था, कई दशकों से कर चोरी कर रहे लोगों के लिए यही सही रास्ता था |
  • नोट बंदी से अर्थव्यवस्था पर मात्र क्षणिक प्रभाव पड़ा है |
  • हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था की : “एक सही कारण कभी विफल नहीं हो सकता” |
  • Remonetisation की गति को बढ़ाया गया है |
  • Demonetisation का प्रभाव अगले साल तक रहने की उम्मीद नहीं है |
  • हमारा बजट एजेंडा है – Transform, Energize और स्वच्छ भारत (Clean India) – TEC India
  • बजट तैयार करने में हमारा दृष्टिकोण राजकोषीय विवेक के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और गरीबी उन्मूलन पर अधिक खर्च करने की ओर रहा है |

बजट 2017-18 में घोषित महत्वपूर्ण योजनाओं एवं पहल की सूची |

  • कृषि क्षेत्र में 4.6% की बृद्धि की उम्मीद है, कृषि पर 10 लाख करोड़ रुपये व्यय करने का लक्ष्य बनाया गया है |
  • FDI Flow में 36% की वृद्धि हुई है मात्र जनवरी माह में $361 billion की विदेशी मुद्रा भंडारित हुई है, जो 12 महीने को जरूरतों को कवर करने के लिए पर्याप्त है |
  • मनरेगा (MNREGA) के तहत आवंटन राशि को 38,500 करोड़ रुपये से बढाकर 48,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है | यह अब तक का सर्वाधिक आवंटन है |
  • वर्ष 2017-18 में ग्रामीण कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए कुल आवंटन 1,87,223 करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24% अधिक है।
  • गरीबों के लिए 2019 तक 1 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य है |
  • अगले चार साल में पीने के पानी को सुरक्षित कर 28,000 आर्सेनिक और फ्लोराइड (arsenic and Fluoride) प्रभावित बस्तियों को कवर  किया जायेगा |
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana) के तहत 2011-14 में 73 किलोमीटर प्रतिदिन के मुकाबले अब प्रतिदिन 133 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है |
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए उनके स्वास्थ्य की स्थिति देने वाले आधार कार्ड को जल्द ही पेश किया जाएगा |
  • दो नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान / All India Institute of Medical Sciences(AIIMS) झारखंड और गुजरात में स्थापित किये जायेंगे |
  • 3500km लंबी रेलवे लाइन बिछाई जानी है |
  • IRCTC के माध्यम से रेल टिकट बुक करने पर सेवा प्रभार (Service charge) नहीं लिया जाएगा |

  • पांच साल की अवधि में 1,00,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ रेल सुरक्षा कोष (Rail safety fund) बनाया जाएगा |
  • 500 रेल्वे स्टेशनों में लिफ्ट (lift) और एस्केलेटर (escalators) लगा कर विकलांग लोगों के अनुकूल बनाया जाएगा |
  • एक नई मेट्रो रेल नीति (metro rail policy) की घोषणा की जाएगी इससे हमारे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर खुलेंगे |
  • विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड / Foreign investment promotion board (FIPB) को समाप्त कर दिया जाएगा |
  • बुनियादी सुविधाओं के लिए 3,96,135 करोड़ रुपये आवंटित किये जाएंगे |
  • सरकार ओडिशा और राजस्थान में सामरिक कच्चे तेल के भंडार स्थापित करने की योजना बना रही है |
  • 1.25 करोड़ लोग डिजिटल भुगतान (Digital Payment) के लिए भीम अनुप्रयोग (BHIM App) का उपयोग कर रहे हैं |
  • दुकानदारों के लिए शुरू की गई एक app – Aadhaar Pay जिसके तहत सितंबर 2017 तक 20 लाख aadhaar-based POS स्थापित होने की संभावना है |
  • ऐसे अपराधी जो देश छोड़कर भाग गए है उनकी संपत्ति जब्त करने के लिए सरकार नए कानून की शुरूआत करने पर विचार कर रही है |
  • पेंशन को छोड़कर रक्षा व्यय 2.74 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है |
  • 2017-18 में राजकोषीय घाटा (Fiscal deficit), GDP का 3.2 % रहने का अनुमान है |
  • अगले तीन साल में राजकोषीय घाटा (Fiscal deficit) 3 % रहने का अनुमान है |
  • भारत में कर और GDP अनुपात बहुत कम है | हमारे यहाँ एक कर गैर अनुपालन समाज (tax non compliance society) हैं | कई बेईमान लोगों के कर बचत का बोझ ईमानदार लोगों पर पड़ता है |
  • वर्ष 2015-16 में आयकर रिटर्न दायर करने वाले 3.7 करोड़ लोगों में से केवल 24 लाख लोगों ने अपनी आय 10 लाख रुपये से ऊपर दिखाई है |
  • 76 लाख व्यक्ति जिन्होंने अपनी 5 लाख रुपये से अधिक की आय की सूचना दी उनमे से 56 लाख वेतनभोगी हैं |

बजट 2017-18 में घोषित महत्वपूर्ण योजनाओं एवं पहल की सूची

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