ओडिशा सरकार का “तृतीय प्रकृति सुरक्षा अभियान” | Tritiya Prakriti Surakshya Abhiyan

तृतीय प्रकृति सुरक्षा अभियान (Tritiya Prakriti Surakshya Abhiyan) :-

ओडिशा सरकार transgender समुदाय के कल्याण के लिए “तृतीय प्रकृति सुरक्षा अभियान (TPSA)” नामक एक नई योजना शुरू करने की योजना बना रही है | इस योजना का उद्देश्य transgender छात्रों के लिए पुनर्वास सुविधाएँ, छात्रवृत्ति और रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना है |

Transgender समुदाय के उत्थान के लिए “तृतीय प्रकृति सुरक्षा अभियान (TPSA)” योजना के दिशानिर्देश सामाजिक सुरक्षा और विकलांग व्यक्ति सशक्तिकरण विभाग / social security and empowerment of persons with disabilities (SSEPD) द्वारा शुरू किए जाएंगे और संचालित किए जाएंगे | योजना के कार्यान्वयन से पहले, SSEPD विभाग जल्द ही पूरे राज्य के transgender लोगों की पहचान के लिए सर्वेक्षण शुरू करेगा |

तृतीय प्रकृति सुरक्षा अभियान के लाभ :-

  • इस योजना का लाभ केवल transgender समुदाय को प्रदान किया जाएगा |
  • Transgender समुदाय को पहचान और पुनर्वास मिलेगा |
  • Transgender समुदाय को रोजगार के अवसर मिलेंगे |
  • छात्रों को 550 रुपये की दैनिक छात्रवृत्ति के हिसाब से मासिक मीट्रिक छात्रवृत्ति मिलेगी |
  • Transgender छात्रों को 10 महीनों के लिए हॉस्टल बोर्डर्स के लिए 1200 रुपये दिए जाएंगे |
  • राज्य सरकार Transgender समुदाय के छात्रों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन करेगी और 200 घंटे के पाठ्यक्रम के लिए ट्रांजेन्डर ट्रेनी को 15,000 रुपये प्रदान करेगी |

वर्ष 2011 के सामाजिक – आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) के मुताबिक, ओडिशा के ग्रामीण इलाकों में 43,161 और शहरी क्षेत्रों में 4, 632 ट्रांसजेंडर जनसंख्या दर्ज की गई थी | समाज का एक बड़ा हिस्सा होने के बावजूद Transgender समुदाय इतने लंबे समय तक समाज से विमुख रहे हैं | वर्ष 2014 के सर्वोच्च न्यायलय के फैसले में, Transgender समुदाय को कानूनी रूप से समाज का तीसरा gender माना था | यह केंद्र और राज्य सरकार का कर्तव्य है कि उन्हें सभी अवसर प्रदान करें और उन्हें एक सम्मानजनक जीवन प्रदान करें |

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