आखिर क्या है उत्तरप्रदेश सरकार की “सचल पालना गृह योजना” | Sachal Palna Grih Yojna

सचल पालना गृह योजना (Sachal Palna Grih Yojna):-

उत्तरप्रदेश में अखिलेश सरकार के दौरान मजदूरों के बच्चो की देखभाल व शिक्षा की मंशा के साथ “सचल पालना गृह योजना” शुरू की गई थी | यह योजना श्रम विभाग द्वारा चलाई गई थी | जिसके तहत मजदूरों खास तौर पर महिला श्रमिकों काम के स्थान पर उनके के बच्चो को दिन में खेलने, खाने और सोने की सुविधा मुहैया कराई जानी थी | यह योजना उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में लागू की जानी थी |

लेकिन मजदूरों के बच्चों की देखभाल और शिक्षा की मंशा के साथ शुरू की गई सचल पालना गृह योजना सिर्फ स्वयं सेवी संस्थाओं (NGO) और विभागीय अधिकारियों के लिए ही पौष्टिक साबित हुई | इसका मुख्य कारण यह था कि न तो यह तय किया गया कि एक संस्था को कितने पालना गृह चलाने का काम दिया जाएगा और न ही यह तय हुआ कि किस जिले में कितने पालना गृह खोले जाएंगे |

सचल पालना गृह योजना का उद्देश्य :-

इस योजना का उद्देश्य महिला श्रमिकों के कार्य पर रहने और उनकी बीमारी की दशा में बच्चों की देखभाल के साथ-साथ शारीरिक व मासिक विकास हेतु शैक्षिक, मनोरंजन व अल्पावास के दौरान भोजन की सुविधाएं प्रदान करना है | इसके साथ ही बच्चों के विकास हेतु परिवार परामर्श केन्द्र एवं अल्पावास गृह जैसी योजनाओं के माध्यम से महिला श्रमिकों को बच्चे की देखभाल के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करना है |

सचल पालना गृह योजना के लिए पात्रता :-

  • योजना के अन्तर्गत पंजीकृत सभी महिला श्रमिकों के 0 से 6 वर्ष के आयु के बच्चे पात्र होंगे |
  • योजना के तहत पंजीकृत ऐसे पुरूष श्रमिकों के 0 से 6 वर्ष के बच्चे भी पात्र होंगे जिनकी मां नहीं है |
  • ऐसे श्रमिक जिनके पास स्वयं का अथवा परिवार का पक्का आवास न हो वे भी इस योजना के पात्र होंगे |
  • ऐसे श्रमिक जो केन्द्र अथवा प्रदेश सरकार की किसी अन्य योजना के अंतर्गत आवास अथवा आवासीय सुविधा हेतु सहायता का लाभ पाने के लिए पंजीकृत हैं वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे |
  • योजना के अंतर्गत उन कामागारों को भी लाभ दिया जायेगा जिनके पास स्वयं अथवा परिवार के नाम की समुचित भूमि उपलब्ध हों |
  • योजना के अन्तर्गत पंजीकृत श्रमिकों को उक्त योजना का लाभ सम्पूर्ण जीवन काल में केवल एक बार ही दिया जायेगा |
  • इस योजना के अन्तर्गत पंजीकृत लाभार्थी श्रमिक, उसकी पत्नी आश्रित माता-पिता, एवं 21 वर्ष से कम आयु के पुत्र व अविवाहित पुत्री शामिल होगी |
  • आवेदन करने के समय लाभार्थी को बोर्ड द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र की छाया प्रति प्रस्तुत करनी होगी |

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