गर्भवती महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की Pregnancy Aid Scheme

गर्भावस्था सहायता योजना (Pregnancy Aid Scheme) :-

भारत दुनिया के उन कई देशों में से एक है जहां मातृ मृत्यु दर अधिक है | 2015 के अनुमान के मुताबिक, MMR (Maternal Mortality Rate) या मातृ मृत्यु दर हर 1,00,000 जीवित जन्मों में 174 लोगों की मृत्यु हुई है | मातृ मृत्यु दर कम करने के प्रयासों के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2016 को गरीब, वरिष्ठ नागरिक और गर्भवती महिलाओं के लिए एक गर्भावस्था सहायता योजना (Pregnancy Aid Scheme) की घोषणा की थी जिसके तहत गर्भवती महिलाओं को institutional delivery के लिए अस्पताल में प्रवेश के लिए 6000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी | पैसे सीधे गर्भवती महिलाओं के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे |

गर्भावस्था सहायता योजना (Pregnancy Aid Scheme) का उद्देश्य :-

योजना का मुख्य उद्देश्य देश भर में संस्थागत प्रसव (institutional delivery) की संख्या में बढ़ती मातृ मृत्यु दर (Maternal Mortality Rate) में कमी लाना है | इस योजना का उद्देश्य संस्थागत प्रसव (institutional delivery) को प्रोत्साहित कर मातृ मृत्यु दर (Maternal Mortality Rate) के जैसे शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) को कम करना है | इस योजना को देश के सभी 650 जिलों में लागू किया जाएगा |




6000 रुपये की वित्तीय सहायता राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के बचत बैंक खाते में सीधे स्थानांतरित कर दी जाएगी |

दुनिया के सभी मातृ मृत्यु दर के 17% अर्थात 174 प्रति 100,000 जीवित जन्मों पर रहने का अनुमान भारत में लगाया है | जबकि शिशु मृत्यु दर 43 प्रति 1000 जीवित जन्मों पर रहने का अनुमान है | हालांकि, देखने में ये संख्या बहुत अधिक नहीं लग रहे, लेकिन जब तुलना दूसरे देशों के साथ होती है तो यह संख्या बहुत बड़ी हो जाती है | उच्च मातृ एवं शिशु मृत्यु दर का प्राथमिक कारण गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के दौरान कमजोर पोषण और अपर्याप्त चिकित्सा देखभाल है | योजना के तहत प्रदान की जा रही 6000 रुपये की राशि गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण और पौष्टिक भोजन के लिए उपयोग हो जाएगी |

गर्भावस्था सहायता योजना को पायलट आधार पर 53 जिलों में लागू किया जा रहा है, जहां वित्तीय सहायता 4000 रुपये होगी | वर्ष 2010 में इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना (IGMSY) के तहत शुरू की गई पहली योजना जिसमें 18 वर्ष की आयु से ऊपर की गर्भवती महिलाओं को 2 जीवित बच्चों के जन्म के लिए सशर्त वित्तीय सहायता प्रदान किया गया था |

नई योजना में नकद लाभ की राशि 6000 रुपये तक बढ़ा दी गई है। जो सीधे लाभार्थी गर्भवती महिलाओं के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे |

गर्भावस्था सहायता योजना (Pregnancy Aid Scheme) की मुख्य विशेषताएं:-

  • भारत के कुछ जिलों में हर गर्भवती महिला के लिए 6000 रुपये की वित्तीय सहायता |
  • इस योजना के तहत भारत के सभी 650 जिलों को शामिल किया जाएगा |
  • वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों (जो गर्भवती महिलाएं हैं) के बैंक खातों में सीधे भेज दी जाएगी |
  • प्रदान की गई राशि महिलाओं के गर्भावस्था से संबंधित विभिन्न खर्चों जैसे पोषक आहार की खरीद, अस्पतालों में प्रवेश का खर्च, टीकाकरण का खर्च आदि की भरपाई करता हैं |





गर्भावस्था सहायता योजना के लिए आवेदन कैसे करें :-

इस योजना को औपचारिक रूप से अभी तक शुरू नहीं किया गया है | लेकिन इसे 1 फरवरी को अरुण जेटली द्वारा पेश किये जाने वाले 2017-18 के बजट में शुरू किया जा सकता है | इस योजना के तहत आवेदन की सही प्रक्रिया उसके बाद ही उपलब्ध होगी |

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Comments

  1. By Ashok Kumar yadav

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    • By Piyush

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  2. By Puneet

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    • By Piyush

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