संसद ने HIV और AIDS(HIV & AIDS Bill 2017) विधेयक, 2017 पारित किया

HIV & AIDS Bill 2017 :-

संसद ने 11 अप्रैल को ऐतिहासिक Human Immunodeficiency Virus (HIV) और Acquired Immune Deficiency Syndrome (AIDS) (रोकथाम और नियंत्रण) विधेयक, 2017 को पारित किया | विधेयक 21 मार्च, 2017 को राज्यसभा में  पारित किया गया था | 21 मार्च, 2017 को राज्यसभा में  पारित किया गया था और जिसमे HIV से प्रभावित लोगों के साथ उपचार, रोजगार और कार्यस्थल में होने वाले भेदभाव पर प्रतिबंध लगाया गया | यह मरीजों के अधिकारों की सुरक्षा में मदद करता है, और उन्हें पूर्ण गोपनीयता प्रदान करता है |

विधेयक के बारे में :-

यह विधेयक को सर्वप्रथम 11 फरवरी, 2014 को उस समय के तत्कालीन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री  गुलाम नबी आजाद द्वारा प्रस्तुत किया गया थापूरे दक्षिण एशिया में यह अपने तरह का पहला विधेयक है |

2015 में किए गए अध्ययनों के मुताबिक, भारत में 2.1 मिलियन लोग HIV से प्रभावित है | आबादी के मामले में यह तीसरा सबसे बड़ा देश है | HIV से प्रभावित देशों की सूची में दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया के बाद भारत तीसरे स्थान पर है |

विधेयक की मुख्य विशेषताएं :-

  • यह HIV से प्रभावित लोगों के खिलाफ रोजगार, शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश, संपत्ति को किराये पर लेना, बीमा और सार्वजनिक या निजी कार्यालयों में खड़े होने पर उनके साथ होने वाले किसी भी तरह के भेदभाव पर प्रतिबंध लगा देगा |
  • HIV से पीड़ित लोग किसी भी तरह के भेदभाव के बिना सभी सार्वजनिक सुविधाओं जैसे दुकानों, रेस्तरां, होटल, सार्वजनिक मनोरंजन के स्थान, और burial ground का उपयोग करने के हकदार होंगे |
  • इस विधेयक का उद्देश्य उन लोगों को उचित उपचार और अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करना है |
  • विधेयक HIV से प्रभावित लोगों के खिलाफ सूचनाओं को प्रकाशित करने वालों या नफरत को बढ़ावा देने वालों पर पूर्णतः प्रतिबन्ध लगा सकता है |
  • विधेयक HIV से प्रभावित लोगों को अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रावधान देता है | वह बिना किसी पूर्वाग्रह के किसी साझा घर में रह सकता है और सभी साझा सुविधाओं का उपयोग कर सकता है |
  • कोई भी HIV परीक्षण, चिकित्सा उपचार या अनुसंधान केवल व्यक्ति को सूचित कर उसकी सहमति के बाद ही आयोजित किया जाएगा | HIVStattus पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा यदि आवश्यक हो तो केवल अदालत के आदेश के बाद ही इसे साझा किया जाएगा |
  • सभी HIV प्रभावित लोगों को रोकथाम, परीक्षण, उपचार और परामर्श सेवाओं का अधिकार है | उपचार जैसे Anti-Retroviral Therapy (ART) और infection management प्रदान किए जाएंगे | राज्य और केंद्र सरकारें विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं प्रदान करेंगी |
  • विधेयक में यह भी कहा गया है कि अस्पतालों द्वारा HIV Positive लोगों से संबंधित मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी साथ ही पूरी गोपनीयता भी बनाई रखी जाएगी |
  • अधिनियम के उल्लंघन के संबंध में शिकायतों के बारे में पूछताछ करने के लिए प्रत्येक राज्य में एक लोकपाल नियुक्त किया जाएगा |
  • अदालतों द्वारा HIV Positive व्यक्तियों से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा | किसी भी कानूनी कार्यवाही में, यदि एचआईवी संक्रमित या प्रभावित व्यक्ति एक पार्टी है, तो अदालत आदेश दे सकती है कि कार्यवाही व्यक्ति की पहचान को छुपा कर या कैमरे में या व्यक्ति की पहचान को प्रकट किया बिना की जाए |

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री Jagat Prakash Nadda ने कहा कि HIV Infections में 67% की कमी आई है और AIDS से होने वाली मौतों में 54% की कमी आई है, जो वैश्विक औसत से ज्यादा है | उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा Antiretroviral Therapy (ART) कार्यक्रम चलाया जा रहा है |

हालांकि, यह विधेयक धारा 14 (1) के तहत आया है, जिसके अनुसार राज्य और केंद्र सरकार जहां तक ​​संभव हो, मुफ्त चिकित्सा उपचार प्रदान करेगी |

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