Pandit Deendayal Gramodyog Rozgar Yojana | उत्तर प्रदेश सरकार की “पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोज़गार योजना”

पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोज़गार योजना (Pandit Deendayal Gramodyog Rozgar Yojana) :-

उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोज़गार योजना (Pandit Deendayal Gramodyog Rozgar Yojana) शुरू की है | राज्य सरकार ने इस योजना के अंतर्गत युवाओं के लिए 25 लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान किया है |

उत्तर प्रदेश सरकार ने पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना (Pandit Deendayal Gramodyog Rozgar Yojana) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आधिकारिक वेबसाइट www.upkvib.gov.in या upkhadi.data-center.co.in के द्वारा आमंत्रित किया है | इच्छुक उम्मीदवार इन वेबसाइटों पर, पात्रता मानदंड, आयु सीमा, आवश्यकता दस्तावेज़ जैसे सभी विवरणों को देख सकते हैं |

इसके अलावा, राज्य सरकार उन उम्मीदवारों के लिए प्रशिक्षण की सुविधा भी प्रदान करेगी, जो इस योजना के तहत चयन किए जाएंगे | यूपी सरकार का मकसद राज्य भर में युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की संख्या में वृद्धि करना है |

पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोज़गार योजना के लिए आवश्यक योग्यता :-

  • यह योजना केवल उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए है अर्थात इच्छुक उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए |
  • उम्मीदवारों की आयु 18-40 वर्षों के मध्य होनी चाहिए |
  • 15 लाख से अधिक ऋण पाने के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 10 वीं पास होना चाहिए |
  • पंजीकरण फॉर्म भरने के समय आधार कार्ड अनिवार्य है |
  • यदि युवाओं के पास कोई कार्य अनुभव है तो उस कार्य के सभी दस्तावेज जरूरी है |

योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज :-

  • आधार कार्ड (Aadhaar card)
  • शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्र
  • प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
  • Work site records
  • फोटो |

योजना के तहत ऋण राशि और पुनर्भगतान :-

  • इस योजना के लाभार्थियों को योजना से जुड़े संबंधित बैंकों (निजी और सहकारी बैंकों को छोड़कर) से 25 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा |
  • परियोजना की कुल लागत का 5% उद्यमियों द्वारा खुद ही वहन किया जाएगा |
  • बैंक द्वारा अनुमोदित ऋण की पहली किस्त की रिहाई के बाद ऋणदाता को निर्धारित प्रारूप में जिला ग्राम उद्योग अधिकारी को सब्सिडी दावा फार्म जारी करना होगा |
  • अगर लाभार्थी जानबूझकर ऋण का दुरुपयोग करता है, या 3 साल तक यदि इस योजना के तहत किसी यूनिट की स्थापना और संचालन नहीं किया जाता है, तो बैंक द्वारा दी गई पूंजी सब्सिडी की राशि अब और नहीं दी जायेगी | राशि उत्तर खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड को लौटा दी जाएगी |
  • भारतीय रिज़र्व बैंक / भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों के आधार पर ऋण स्वीकृत किया जाएगा | अनुमोदन के बाद, ऋण की राशि को सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित किया जाएगा |

 

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