ओलम्पिक खेल | Olympic Games Rio 2016 In Hindi

दुनिया की सबसे पुरानी खेल प्रतियोगिताएं में से एक है – ओलम्पिक खेल | इसे संसार का सबसे बड़ा खेल आयोजन माना जाता है | आधुनिक ओलम्पिक खेलों में दुनिया भर के हजारों Athlete विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं | ओलम्पिक खेलों में 200 से अधिक राष्ट्रों के भाग लेने से यह दुनिया के सबसे चर्चित खेल प्रतियोगिताएं में से एक माना जाता है | ओलम्पिक की शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन प्रतियोगिताओं को प्रत्येक वर्ष के अंतराल में आयोजित किया जाता है । ओलम्पिक खेलों का आयोजन अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति करती है |

Olympic Games Rio 2016 Medal Count

CountriesOlympic Games Rio 2016 Gold MedalOlympic Games Rio 2016 Silver Medal Olympic Games Rio 2016 Bronze Medal Total
United States433637116
Great Britain 27221766
China26182670
russia 17171953
Germany17101441
India0112

ओलम्पिक खेल का इतिहास (History Of Olympic): –

ओलम्पिक खेलों का इतिहास बहुत हजारों वर्षों पुराना है | प्राचीन समय में यह माना जाता था कि जब इस खेल कि शुरुआत हुई तो इन खेलों में साक्षात् देवता खेला करते थे | एक अन्य विश्वास के अनुसार देवता Zeus जो यूनानियों के आराध्य देवता थे वे और उनके पुत्र इस भव्य खेल समारोह के प्रणेता थे | क्योंकि इस खेल के आयोजन में प्रत्यक्ष रूप से देवता जुड़े हुए थे इसलिए प्रारंभिक वर्षों में इस खेल को महान धार्मिक अनुष्ठान के तौर पर आयोजित किया गया | और इस खेल का आयोजन विश्व के भिन्न – 2 स्थानों में किया जाने लगा | इन खेलों को इतना अधिक महत्व दिया जाता था कि इसके आयोजन के दौरान दो राष्ट्रों के बीच जारी युद्ध को भी विराम दे दिया जाता था |  776 ईसा पूर्व (सन 1896) में यूनान की राजधानी Athens के एक छोटे से शहर Olympia में एक प्रतियोगिता आयोजित कि गयी थी यह प्रतियोगिता थी “दौड़-प्रतियोगिता” | इस प्रतियोगिता में एलिस प्रदेश का James Connolly नाम का व्यक्ति विजेता था जिसे जैतून से बानी पत्तियों का ताज पहनाया गया था | इसी आयोजन को पहला ओलम्पिक माना जाता है |

ओलम्पिक खेलों कि शुरुआत के बारे में प्रचलित कथाएं :-

Pelops की कथा (Story Of Pelops ) –

ओलंपिक खेलों की उत्पत्ति से जुड़ी कई यूनानी कथाएं हैं | जिसमें सबसे प्रचलित कथा है राजा “Pelops” की | एलिस प्रदेश का एक राजा था “Oinomaos ” | उसकी एक बहुत सुन्दर बेटी थी “Hippodamia” | Oinomaos ने अपनी बेटी की शादी करने के लिए एक अनोखी शर्त रखी | शर्त के अनुसार Hippodamia की शादी उस व्यक्ति से होगी जो उसकी बेटी का अपहरण कर उसे अपने रथ में भगा के ले जायेगा और राजा उसका पीछा अपने रथ में करेगा यदि अपहरणकर्ता पकड़ा गया तो उसे मृत्यु दंड दिया जायेगा | कई युवक शादी के लिए आगे आये किन्तु शर्त न पूरी कर पाने के कारण उन्हें मृत्यु दंड दे दिया गया | उस समय Lydia राज्य का एक राजकुमार हुआ करता था जिसका नाम था – Pelops | वह अति बुद्धिमान था | शर्त पूरी करने के लिए उसने राजा के सारथि को धन का प्रलोभन दिया | और उसे इस बात के लिए राजी कर लिए कि वह राजा के पीछा करने के पूर्व रथ के पहिये ढीले कर देगा | शर्त के अनुसार राजकुमार Pelops ने राजकुमारी Hippodamia का अपहरण किया और अपना रथ तेज़ी से दौड़ाया | राजा ने उसका पीछा किया | रथ के पहिये ढीले होने के कारण राजा का रथ डगमगाने लगा और उसका सारथि रथ से कूद गया | अचानक रथ के दोनों पहिये निकल गए और पहिये के नीचे दबकर राजा कि मृत्यु हो गयी | उस दुष्ट राजा पर विजय प्राप्त करने कि खुशी में ओलम्पिक खेलों का आयोजित किया गया |

Hercules कि कथा (Story Of Hercules ) –

ओलंपिक खेलों की उत्पत्ति के बारे में एक और कथा है “Hercules” की | एक समय कि बात है Zeus के पुत्र Hercules ने Elis के राजा Augeas से संपर्क कर राजा के मवेशियों की कीमत के दसवें भाग के लिए अस्तबल साफ करने का वादा किया | Augeas सहमत हुए और उन्होंने Hercules को यह कार्य सौंप दिया | Hercules ने Kladeos और Alpheos नदियों का प्रवाह  को अस्तबल कि ओर मोड़ दिया | Augeas ने अपना वादा पूरा नहीं किया | कार्य समाप्त होने के बाद Hercules, Elis लौटा और Augeas के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया गया | यह कहा जाता है कि Hercules ने पुरुषों को सिखाया कि कैसे कुश्ती करें और स्टेडियम की लंबाई के बाहर दौड़ का मुक़ाबला कैसे करें | बाद में उसके पिता, Zeus के सम्मान में ओलंपिक खेलों की शुरूआत की गयी |

Modern Olympic : –

आधुनिक ओलंपिक खेलों को Baron Pierre de Coubertin द्वारा 1896 में पुनर्जीवित किया गया | Baron Pierre de Coubertin एक French nobleman जिनका विश्वास था कि खेल दुनिया भर में शांति को प्रोत्साहित कर सकता है और दुनिया भर के लोगों को एक साथ ला सकता है | Baron Pierre de Coubertin ने 1894 में 14 सदस्यों के साथ अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) का गठन किया था | बीसवीं सदी के प्रारंभिक वर्षों में, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को खेलों की मेजबानी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा | Athens  खेल के बाद के दो समारोह Paris (1900 ) और Saint Louis (1904 ) विफल रहे | 1908 खेल, हालांकि मूल रूप से Rome को सम्मानित किया गया पर इसे London में आयोजित किया गया था | ओलिंपिक खेलों को  1912 में Stockholm में आयोजित करने के बाद Olympic movement में काफी उथल-पुथल हुई | 1916 में Berlin में आयोजित होने वाले खेल को प्रथम विश्व युद्ध (World War I) की वजह से स्थगित कर दिया गया और दो अन्य ओलम्पियाड द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) की वजह से 1940 और 1944 में खेल के बिना पारित कर दिया गया | प्रथम विश्व युद्ध (World War I) के बाद 1920 के उद्घाटन समारोह में Olympic Flag का परिचय, शांति के प्रतीक के रूप में कबूतर की रिहाई, और एथलीटों को शपथ की प्रस्तुति के लिए उल्लेखनीय है | 1980 में संयुक्त राज्य अमेरिका और 64 अन्य पश्चिमी देशों ने अफगानिस्तान पर सोवियत आक्रमण की वजह से Moscow ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने से मना कर दिया था | जिससे प्रतिस्पर्धा करने वाले देशों की संख्या 80 पहुँच गयी जो 1956 के बाद से सबसे कम थी | 2008 में चीन की राजधानी Beijing ओलम्पिक में अब तक का सबसे अच्छा आयोजन माना गया है। 15 दिन तक चले ओलम्पिक खेलों के दौरान चीन ने ना सिर्फ़ अपनी शानदार मेज़बानी से लोगों का दिल जीता बल्कि सबसे ज़्यादा स्वर्ण पदक जीत कर भी इतिहास रचा | 2012 में London में ओलंपिक खेलों का आयोजन हुआ | और ओलिंपिक 2016 Brazil के शहर rio de janeiro  में 5 अगस्त से 21 अगस्त के बीच आयोजित किया जायेगा |

ओलंपिक खेलों में भारत की उप्लब्धियाँ:-

ओलंपिक खेलों में भारत की सहभागिता अंग्रेजों की गुलामी के समय से ही है | ओलंपिक खेलों में पदक जीतने की शुरुआत वर्ष 1900 में हुई जब भारत ने 2 रजत पदक जीते | ओलंपिक खेलों में भारत को सबसे ज्यादा उपलब्धि भारत के राष्ट्रीय खेल ‘हॉकी’ में मिली | वर्ष 1928 से 1956 तक भारत ने ‘हॉकी’ में लगातार 6 बार स्वर्ण पदक जीते | उस समय भारत हॉकी में विश्व भर में शीर्ष पर था | हॉकी को राष्ट्रीय खेल बनाने के पीछे भी यही उप्लब्धियाँ रही | वर्ष 1920 में भारत ने ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में तथा वर्ष 1964 में भारत ने शीतकालीन ओलंपिक खेलों में पहली बार भाग हिस्सा लिया |

  1. वर्ष 1900 में भारत ने 2 रजत पदक जीते |
  2. वर्ष 1928 में भारत ने ‘हॉकी’ में स्वर्ण पदक हासिल किया|
  3. वर्ष 1932 में पुनः भारत ने ‘हॉकी’ में स्वर्ण पदक हासिल किया|
  4. वर्ष 1936 में पुनः भारत ने ‘हॉकी’ में स्वर्ण पदक हासिल किया|
  5. वर्ष 1948 में एक बार फिर भारत ने ‘हॉकी’ में स्वर्ण पदक हासिल किया|
  6. वर्ष 1952 में भारत ने ‘हॉकी’ में स्वर्ण पदक जीता साथ ही दादा साहेब जाधव को कांस्य पदक हासिल किया|
  7. वर्ष 1956 में एक बार फिर भारत ने ‘हॉकी’ में स्वर्ण पदक हासिल किया|
  8. वर्ष 1960 में ‘हॉकी’ में रजत पदक के साथ मिल्खा सिंह को भी 400 मीटर दौड़ में रजत पदक प्राप्त हुआ |
  9. वर्ष 1964 में एक बार फिर भारत ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए  ‘हॉकी’ में स्वर्ण पदक हासिल किया|
  10. वर्ष 1968 में भारत का ‘हॉकी’ में प्रदर्शन उतना अच्छा नही रहा अतः उसे कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा |
  11. वर्ष 1972 में लगातार दूसरी बार भारत को ‘हॉकी’ में कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा |
  12. वर्ष 1980 में भारत ने पुनः बेहतर प्रदर्शन करते हुए  ‘हॉकी’ में स्वर्ण पदक हासिल किया और विश्व भर में भारत का नाम ऊँचा किया |
  13. वर्ष 1996 में टेनिस खिलाडी लिएंडर पेस ने कांस्य पदक हासिल किया |
  14. वर्ष 2000 में कर्णम मल्लेश्वरी ने भारत को भारोत्तलन में कांस्य पदक दिलाया |
  15. वर्ष 2004 में भारत के तीरंदाज मेजर राजवर्धन सिंह राठौर ने भारत को निशानेबाजी (shooting) में रजत पदक दिलाया |
  16. वर्ष 2008 के बीजिंग ओलंपिक में भारत के अभिनव बिंद्रा ने निशानेबाजी में स्वर्ण, सुनील कुमार ने कुश्ती में कांस्य और विजेन्द्र सिंह ने मुक्केबाज़ी में कांस्य पदक हासिल किया |
  17. वर्ष 2012 के लंदन ओलंपिक में भारत ने कुल 6 पदक जीते जो की भारत का अब तक का किसी भी ओलंपिक का सर्वक्षेष्ठ प्रदर्शन था | जिसमें क्रमशः सुशील कुमार ने 66 कि.ग्रा. वर्ग में कुश्ती में रजत पदक , विजय कुमार ने निशानेबाजी में रजत पदक, गगन नारंग ने निशानेबाज़ी में कांस्य पदक, साइना नेहवाल ने बैडमिंटन में कांस्य पदक, मैरी कॉम ने मुक्केबाजी में कांस्य पदक , योगेश्वर दत्त ने 60 कि.ग्रा. वर्ग में कुश्ती में कांस्य पदक हासिल किया |

 

 

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