Mil-Banche Campaign | मध्य प्रदेश सरकार का “मिल-बाँचे मध्यप्रदेश अभियान”

मिल-बाँचे मध्यप्रदेश अभियान (Mil-Banche Campaign) :-

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों को किताबें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में “मिल-बाँचे मध्यप्रदेश अभियान” (Mil-Banche Madhya Pradesh Campaign) की घोषणा की है | इस अभियान में मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रत्येक व्यक्ति से कहा है वे राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय के छात्रों को कम से कम एक दिन पढ़ा कर अपना योगदान दें | समाज के विद्वान लोग जैसे इंजीनियर, डॉक्टर या ऊपरी कक्षाओं में पढ़ रहे छात्र लोगों को सिखा सकते हैं |

पहले यह अभियान 28 जनवरी 2017 को निर्धारित किया गया था लेकिन लोगों की अधिक भागीदारी देखने के बाद, तारीख 18 फरवरी 2017 तक स्थगित कर दी गई थी |

मिल-बाँचे मध्यप्रदेश अभियान के लिए मुख्य प्रेरक बातें :-

  • अब तक इस कार्यक्रम के तहत 2 लाख से अधिक स्वयंसेवकों (volunteers) ने अपने आप को पंजीकृत किया है |
  • इस अभियान के तहत माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं एक दिन के लिए शिक्षक बनेंगे |
  • इस कार्यक्रम के लिए 26 कैबिनेट मंत्रियों (Cabinet Ministers) ने भी अपने आप को पंजीकृत किया है |
  • मध्य प्रदेश की सभी कुल 1,12,073 स्कूलों ने “मिल-बाँचे मध्यप्रदेश अभियान” कार्यक्रम के लिए पंजीकृत किया है |
  • मध्य प्रदेश के चुनाव आयुक्त श्री आर परशुराम ने भी “मिल-बाँचे मध्यप्रदेश अभियान” कार्यक्रम के लिए खुद को पंजीकृत किया है |

  • Wipro Limited के Chief Sustainability Officer, Azim Premji Foundation के CEO और  Azim Premji University के Vice Chancellor श्री अनुराग बेहार ने इस अभियान की प्रशंसा की है |
  • शूटिंग विजेता ओशिन तवानी और कराटे विजेता सुप्रिया जाटव ने भी इस कार्यक्रम के लिए खुद को पंजीकृत किया है |
  • Boxing connoisseur श्रुति यादव ने भी इस कार्यक्रम के लिए खुद को पंजीकृत किया है |
  • अर्जुन पुरस्कार विजेता कृपाशंकर बिश्नोई (पहलवान) ने भी इस कार्यक्रम के लिए खुद को पंजीकृत किया है |
  • राजेश पालीवाल (commissioner Income Tax Department of India), भी “मिल-बाँचे मध्यप्रदेश अभियान” में भी भाग लेंगे |
  • जुबैदा खतून, 1953 की भोपाल महिला हॉकी टीम की कप्तान, भी “मिल-बाँचे मध्यप्रदेश अभियान” कार्यक्रम में शामिल होंगी |
  • रत्नेश पांडे (एवरेस्ट विजेता), भी “मिल-बाँचे मध्यप्रदेश अभियान” की टीम में शामिल होंगे |
  • भारतीय महिला क्रिकेट विश्व कप टीम की सदस्य नुजाट परवीन “मिल-बाँचे मध्यप्रदेश अभियान” कार्यक्रम में शामिल होंगी |

मिल-बाँचे मध्यप्रदेश अभियान के बारे में :-

शिक्षित मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए Quality education बहुत आवश्यक है | एक सुशिक्षित राज्य बनाने के लिए, प्रत्येक बच्चे को Quality education मिलनी आवश्यक है, इसलिए प्रत्येक विद्यालय के शुरू होने पर स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए “स्कूल चलें हम” (School Chale Hum) अभियान आयोजित किया जाता है | “स्कूल चलें हम” अभियान न केवल स्कूलों में बच्चों को प्रवेश देने पर केंद्रित है बल्कि quality education प्रदान करने पर भी केंद्रित है |

बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता अभियान पर विशेष ध्यान देने के साथ, हाथ धोने का कार्यक्रम पंचायत की “पंचपरमेश्वर योजना” (Panch Parmeshwar Yojna) से जुड़ा हुआ है | “स्कूल चलें हम” अभियान पूरे साल पूरे जन आंदोलन के साथ चलाया जाएगा जिसमें समाज के लोग भी भाग लेंगे | कोई भी व्यक्ति, NGO, संस्था और मीडिया मित्र, सभी इस पहल को प्रेरित करने के लिए इस कार्यक्रम से जुड़ सकते हैं |

इस पहल के तहत एक स्वयंसेवक (Volunteer) बनने के लिए कोई भी टेलीफोन नंबर (0755-2570000) पर missed call दे सकता है| Missed Call के उत्तर में मुख्यमंत्री का धन्यवाद संदेश दिया जाएगा और इसके बाद सरकार के अधिकारी आपसे अगले चरण के लिए संपर्क करेंगे |

मिल-बाँचे मध्यप्रदेश अभियान का उद्देश्य :-

  • आंगनवाड़ी केंद्रों से संपर्क करना और उन्हें ग्रामीणों के 5 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों का कक्षा 1 में दाखिला देने के लिए प्रोत्साहित करना है |
  • कक्षा 5 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण होने वाले बच्चों को कक्षा 6 वीं  में दाखिला देना सुनिश्चित करें | इसका मतलब है कि उन्हें प्राथमिक विद्यालयों से माध्यमिक विद्यालयों में स्थानांतरित करने के लिए प्रोत्साहित करें |

  • कक्षा 8 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण होने वाले बच्चों को कक्षा 9 वीं में दाखिला देना सुनिश्चित करें | और वैसे ही कक्षा 10 वीं से कक्षा 11 वीं में दाखिला देना सुनिश्चित करें |
  • स्कूलों में बच्चों का 100% नामांकन सुनिश्चित करें |
  • स्कूल छोड़ने वाले बच्चों का वापस स्कूल जाना सुनिश्चित करें |
  • स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता पर ध्यान दें |
  • स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान होगा |

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