कर्नाटक सरकार की Mathru Purna Scheme

Mathru Purna Scheme :-

कर्नाटक सरकार राज्य भर की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली गरीब महिलाओं के लिए “Mathru Purna Scheme” लागू करने जा रही है | इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन दिन कम से कम एक पौष्टिक आहार (nutritious meal) प्रदान करना है |

“Mathru Purna Scheme” का दिशानिर्देश और ढांचा कर्नाटक सरकार के महिला एवं बाल कल्याण विभाग, द्वारा संचालित किया गया है | इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए चावल, दाल या सांबर, हरी सब्जियां, दालें, अंडे और मूंगफली-गुड़ चिक्की को शामिल किया गया है |

इसके अलावा, इस योजना के तहत उन गर्भवती महिलाओं को जो अंडे नहीं खाती हैं उन्हें दो तरह के स्प्राउट प्रदान किए जाएंगे |इस योजना को कार्यान्वित करने की जिम्मेदारी राज्य में ग्रामीण महिलाओं के बीच काम करने वाली सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की होगी |

इस योजना के तहत पोषण सूचकांक के आधार पर भोजन की योजना बनाई गई है | सरकार का मानना है की यदि माँ के स्वास्थ्य में सुधार होगा तो उसका सीधा प्रभाव बच्चे के पोषण पर पड़ेगा | यह योजना बाल कुपोषण को रोकने में मदद करेगी , साथ ही पांच वर्ष से काम उम्र के शिशुओं की शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी सबसे बड़ा योगदान इसी का होगा |

Mathru Purna Scheme का उद्देश्य :-

इस योजना का उद्देश्य मातृ स्वास्थ्य में सुधार करना है जिसका सीधा प्रभाव महिलाओं और बच्चों के पोषण पर पड़ेगा | इस योजना के तहत, प्रत्येक भोजन की अनुमानित लागत लगभग 21/- रु प्रति भोजन हो सकती है | इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को 15 महीने के लिए भोजन दिया जाएगा, इसका मतलब है गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के समय से उनके प्रसव के छह माह बाद तक दिया जाएगा | यह योजना पूरे राज्य में बाल कुपोषण को रोकने में मदद करेगी  |

Mathru Purna Scheme से जुडी मुख्य बातें :-

2016-17 के वित्तीय वर्ष के दौरान, राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन / National Health Mission (NHM) के तहत Mathru Pushtivardhini Scheme के अंतर्गत 42 करोड़ रुपये की लागत से पिछड़े तालुकों में रहने वाली गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों की शुरुआत की थी |

2017-18 के वित्तीय बजट में, सरकार ने इस योजना का विस्तार करने के लिए राज्य के सभी 30 जिलों को शामिल किया और इस योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए 302 करोड़ रुपये की घोषणा की और बजट में इसका प्रावधान किया |

इसके अलावा, यदि किसी क्षेत्र में निर्धारित भोजन आसानी से उपलब्ध नहीं हैं तो उस स्थिति में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भोजन को बदल सकते हैं | भोजन उपलब्ध कराते समय लाभार्थी की भोजन वरीयताओं को ध्यान में रखा जाएगा |

इस योजना के कार्यान्वयन की प्रक्रिया 2 अक्टूबर 2017 को राज्य के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर शुरू हो जाएगी | आंगनवाड़ी में खाना पकाने के लिए सभी बर्तन और गैस सिलेंडर खरीदने और अन्य सभी आवश्यकताओं के लिए राज्य सरकार अनुदान देगी |

Mathru Purna Scheme का कार्यान्वयन :-

इस योजना को लागू करने वाले आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 500 रुपये का एक अतिरिक्त मानदंड दिया जाएगा और छोटा आंगनवाड़ी केंद्रों के सहायक को 250 रुपये दिया जाएगा | इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी के लिए 21 रुपये खर्च किए जाएंगे | बर्तन को खरीदने के लिए तालुका स्तर पर tender आमंत्रित किए जाएंगे | वर्तमान में, इस योजना के लिए राज्य में 12,403 गर्भवती महिलाओं सहित 25,319 लाभार्थियों की पहचान की गई है |

यदि गर्भवती महिलाएं कमजोरियों से पीड़ित हैं, तो यह योजना माताओं और बच्चों दोनों के स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद करेगी | पौष्टिक भोजन प्रोटीन और कैल्शियम सहित 40% से अधिक पोषण प्रदान करेगा जो एक गर्भवती महिला की प्रति दिन की आवश्यकता होती है | दक्षिण भारतीय राज्यों की तुलना में, राज्य की माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य सूचकांक खराब है | यदि योजना प्रभावी रूप से लागू की जाती है, तो माताओं और बच्चों की स्थिति में काफी सुधार किया जा सकता है |

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