GSTIN के लिए registration कैसे करें ?

GSTIN :-

जुलाई माह से Goods and Services Tax (GST) भारतीय अर्थव्यवस्था में शामिल हो गया है | हालांकि विशेषज्ञों ने अभी तक GST के वास्तविक प्रभाव का पता नहीं लगाया है, इसके वास्तविक प्रभाव को कुछ समय बाद ही देखा जा सकता है। लेकिन व्यवसाय के सम्बन्ध में GST के कुछ अनुलग्नकों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा | इनमें से एक है tax identification number, जिसे GSTIN (Goods and Services Tax Identification Number) के रूप में भी जाना जाता है |

मूल रूप से GSTIN (Goods and Services Tax Identification Number), 15 अंकों की संख्या है, जिसने Tax Identification Number (TIN) को replace कर दिया है, जो कि राज्य की Value Added Tax Law के तहत व्यावसायिक संस्थाओं को पंजीकरण करते समय आवंटित किया जाता था | इन व्यवसायों को विभिन्न स्थानों से कई अन्य Identification Number भी लेना होता था | हालांकि, GST के कार्यान्वयन के बाद, इन सभी नंबरों को GSTIN द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा |

GST के तहत, अप्रत्यक्ष कर के उद्देश्यों की पूर्ती के लिए जरूरी ये सभी अलग-अलग Identification Number को GSTIN के अंतर्गत रखा जाएगा | सभी taxpayers को अनुपालन और प्रशासन के प्रयोजनों के लिए एक ही platform में समेकित किया गया है और सभी taxpayers को single authority के तहत पंजीकरण सौंपा गया है | GST के Digitization के लिए आवश्यक IT Infrastructure प्रदान करने के लिए सरकार ने GSTN की स्थापना की है |

GSTIN के लिए Filing कैसे करें :-

GSTIN  के लिए Filing दो-चरणों की सरल प्रक्रिया से किया जा सकता है | GST Practitioner और करदाता GST के आधिकारिक पोर्टल gst.gov.in में login कर सही दस्तावेज upload करके GSTIN के लिए file कर सकते हैं | GST के तहत उपलब्ध विभिन्न लाभों के लिए GST registration अनिवार्य है क्योंकि यह gateway है |

Two-step process :-

  • GST Network पोर्टल पर पंजीकरण के बाद, एक व्यवसाय को एक provisional GSTIN दिया जाता है |
  • दूसरे चरण में, व्यावसायिक संस्था को GSTN पोर्टल पर Log on करना होगा और अपने व्यवसाय का विवरण प्रदान करना होगा, जैसे व्यवसाय का मुख्य स्थान, व्यवसाय का अतिरिक्त स्थान, निर्देशक और बैंक खाता विवरण |

सरकार ने व्यापारियों और व्यवसायों को जब तक वे अपना final identification number प्राप्त नहीं करते तब तक उन्हें provisional IDs के साथ अपने व्यवसाय को जारी रखने की इजाजत दी है |

इसके अलावा, GST Portal पर पंजीकरण करते समय आपको एक को ARN (Application Reference Number) दिया जाएगा, जो आवेदन के संबंध में आगे की पूछताछ के लिए जरूरी है, जिसमें GSTIN validation भी शामिल है | ARN को पंजीकृत उपयोगकर्ता के Mobile Number और E-mail Address पर भेजा जाएगा | आपके आवेदन की संभावित स्थितियां हो सकती हैं : ‘Provisional’, ‘Pending for Verification’, ‘Validation against Error’, ‘Migrated’, और ‘Cancelled’ |

GST Contains : 

प्रत्येक करदाता को state-wise PAN based 15 अंकों का GSTIN (Goods and Services Tax Identification Number) आवंटित किया जाएगा |

  • GSTIN के पहले 2 अंक भारतीय जनगणना 2011 के अनुसार राज्य कोड को दर्शाते हैं |
  • अगले 10 अंक करदाता के PAN Number को दर्शाते हैं |
  • GSTIN का 13वां अंक एक राज्य के भीतर पंजीकरण संख्या को दर्शाता है |
  • GSTIN का 13वां अंक default रूप से Z होगा |
  • अंतिम अंक ‘sum’ check code है |

 

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