EPF Ke baare me jaane Hindi Me

Employee Provident Fund (EPF) :-

कर्मचारी भविष्य निधि / Employee Provident Fund (EPF) लगभग सभी नौकरीपेशा अर्थात महीने में तनख्वाह पाने वाले लोगों के लिए भारत में बचत के मुख्य प्लेटफॉर्म में से एक है |भविष्य निधि (Provident Fund) बुजुर्ग लोगों को वित्तीय सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई है | आम तौर पर एक व्यक्ति जब एक कर्मचारी (Employee) के रूप में काम शुरू करता है तब वह इन फंडों में योगदान देता है  योगदान एक नियमित आधार पर किया जाता है (ज्यादातर मामलों में मासिक) |

EPF Ke baare me jaane Hindi Me

इसका उद्देश्य है की कर्मचारी अपने हर महीने के वेतन का एक अंश बचत के रूप में यहाँ जमा करें जिसका इस्तेमाल वे अस्थायी रूप से या पूर्ण रूप से फिट न होने पर या सेवानिवृत्ति (retirement) पर कर सकते हैं | इसलिए इसे लोगों के रिटायरमेंट प्लान के रूप में भी जाना जाता है | लोगों / कर्मचारियों द्वारा किए गए निवेश (investment) को एक साथ जमा किया जाता है और एक ट्रस्ट द्वारा निवेश (invest) किया जाता है |आमतौर पर Basic, DA, और भोजन भत्ते (Food allowances) के नकद मूल्य का 12% EPF खाते में योगदान किया जाता है | अगर कोई EPF कहता है तो इसका मतलब है :-

  • Employee Provident Fund (EPF) :- कर्मचारी (Employee) का योगदान नियोक्ता (Employers) के योगदान (12% तक) के अनुरूप है |नियोक्ता (Employers) के योगदान को कर (Tax) से छूट दी गई है और कर्मचारी के योगदान को कर योग्य (Taxable) किया गया है लेकिन कर्मचारी आय कर अधिनियम (Income Tax Act) की धारा 80 C के तहत कटौती के लिए पात्र है |कर्मचारी EPF amount पर सरकार द्वारा घोषित ब्याज कमाता है |
  • 1995 की कर्मचारी पेंशन स्कीम / Employees’ Pension Scheme (EPS) विकलांग, विधवा, और प्रत्याशियों (Nominees) के लिए पेंशन (Pension) प्रदान करता है |
  • कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना / Employees Deposit Linked Insurance Scheme (EDLIS) व्यक्ति के काम में , प्राकृतिक कारणों, बीमारी या दुर्घटना के कारण मृत्यु की स्थिति में बीमा की नामित लाभार्थी (nominated beneficiary) को एक मुश्त राशि का भुगतान प्रदान करता है |

वेतन से भविष्य निधि कटौती : –

जब आप कहीं काम करना शुरू करते हैं तो आप (Employee) और आपके नियोक्ता (Employers) दोनों आपके मूल वेतन (Basic income) का 12% योगदान (साथ ही महंगाई भत्ते, यदि कोई हो) आपके EPF खाते में जमा कराते हैं | आपके (Employee) योगदान का पूरा 12% आपके (Employee) के EPF खाते में चला जाता है साथ ही आपके नियोक्ता (Employers) के 12% योगदान का 3.67% आपके EPF खाते में और 8.33% अपने EPS (कर्मचारी पेंशन योजना) के लिए भेज दिया जाता है |

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यह ध्यान रखें कि यदि आपका मूल वेतन 6,500 रुपये प्रति माह के ऊपर है | आपका नियोक्ता (Employer) केवल आपके EPS खाते के लिए 6,500 का 8.33% (अर्थात् 541रु) का योगदान कर सकते हैं और शेष राशि आपके EPF खाते में जमा हो जाएगी |

ये फंड (Fund) आप जैसे कई कर्मचारियों (Employees) से एक साथ जमा हो कर एक ट्रस्ट द्वारा निवेश (invest) की जाती है | यह 8% -12% की ब्याज उत्पन्न करता है जिसका निर्धारण सरकार और केंद्रीय न्यासी बोर्ड (central board of trustees) द्वारा किया जाता है | वार्षिक ब्याज दर EPF India की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है, और वर्तमान में यह 8.75% है |

हर बार जब आप अपने भुगतान प्राप्त है EPF सक्रिय रहता है | जब आप नौकरी बदल रहे हैं, तो यह भी महत्वपूर्ण है की आप अपने नए कंपनी के साथ अपने EPF की जानकारी अद्यतन(update) करें, उन्हें अपना EPF Number दे ताकि वे योगदान जारी रख सकें |

EPF पर ब्याज दर :-

हर साल 1 अप्रैल को ही कर्मचारी द्वारा उसके खाते में जमा राशि पर केन्द्र सरकार द्वारा चक्रवृद्धि ब्याज के रूप में भुगतान करना घोषित किया गया है | भारत के EPF ब्याज दर का निर्धारण सरकार और केंद्रीय न्यासी बोर्ड (central board of trustees) द्वारा किया जाता है | पिछले कई दशकों में, ब्याज दर 8-12% बनाए रखा है | EPF ब्याज दर अधिसूचना सालाना आधार पर EPF India की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है | यही जानकारी सभी शहरों में प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से भेजी जाती है |

EPFO प्रत्येक वर्ष ग्राहकों को वार्षिक ब्याज (annual interest) का भुगतान करती है | पिछले चार साल में प्रतिवर्ष रिटर्न 8.75 % के आसपास पाया गया है | इस ब्याज का निर्धारण खर्च पर आय के अधिशेष के आधार पर किया गया है |निधि सरकारी जमा, गिल्ट, कॉरपोरेट बॉन्ड और अन्य प्रतिभूतियों को अपने पोर्टफोलियो में रख कर ब्याज से आय कमाता है | वर्ष 2015-16 में ने अपने वृद्धिशील कोष का 5% अर्थात 6,000 करोड़ का निवेश शेयरों में किया है | श्रम मंत्रालय के अधिकारियों का अनुमान है कि 2016-17 में यह राशि 10,000 करोड़ रुपये तक बढ़ जाएगा |

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यदि आपका योगदान मासिक हैं, तो आपके ब्याज की गणना वार्षिक की जाती है । प्रत्येक वर्ष की शुरुआत में आपके पास एक Opening Balance (जो राशि उस समय तक जमा है) होगा |

अगले वर्ष के लिए आपका उद्घाटन संतुलन होगा:  opening balance + total monthly contributions + interest on the (old opening balance + contribution) . 

“यह ध्यान रखें कि ब्याज केवल EPF Balance पर ही मिलेगा न कि आपके EPS पेंशन योजना के रूप में जमा EPS Balance पर “|

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