क्या ख़ास है महाराष्ट्र सरकार के Direct Benefit Transfer Portal में ?

Direct Benefit Transfer Portal :-

महाराष्ट्र सरकार किसानों से उनके ऋण के बारे में data एकत्र करने के लिए “Direct Benefit Transfer Portal” (DBT) शुरू करने की योजना बना रही है | किसानों को स्वयं को पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा और उन्हें अपने ऋण माफी (loan waiver) के लिए सभी विवरण भरना होगा |

महाराष्ट्र सरकार के Direct Benefit Transfer (DBT) पोर्टल का उद्देश्य धोखाधड़ी को कम करना और मूल लाभार्थियों के लिए धन के सरल और तेज प्रवाह को सुनिश्चित करना है | नए Direct Benefit Transfer (DBT) पोर्टल को मौजूदा केंद्रीय पोर्टल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा | हाल ही में, महाराष्ट्र के किसानों ने आंदोलन कर उनके ऋण को माफ़ करने की मांग रखी थी | किसानों की राहत के लिए राज्य सरकार ने 36,000 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण माफी की घोषणा की है |

DBT Portal का उद्देश्य :-

Direct Benefit Transfer (DBT) पोर्टल का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी किसानों को ऋण के बोझ से राहत प्रदान करना और उनकी आय में वृद्धि करना है |

ऋण माफी योजना के लिए पात्र नहीं होंगे :

  • ऐसे किसान जिनकी आय कम से कम 15,000 रुपये प्रति माह है और करों का भुगतान करने के लिए पंजीकृत हैं या उनके पास आय का दूसरा माध्यम है वे ऋण माफ़ी योजना के पात्र नहीं होंगे |
  • ऐसे किसान जो जिला सहकारी बैंकों के बोर्ड, कृषि उत्पाद विपणन समितियां और चीनी सहकारी मिलों में चुने जाते हैं वे भी ऋण माफ़ी योजना के पात्र नहीं होंगे |

ऋण माफी के लिए पंजीकरण करने वाले हर किसान अपने व्यक्तिगत आधार संख्या (Aadhaar Number) और भूमि रिकॉर्ड और आय के बारे में जानकारी देनी होगी | यह जानकारी यह सुनिश्चित करेगी कि वह उपरोक्त श्रेणियों में से किसी में नहीं आती है |

Co-operation विभाग ने अनुमान लगाया है कि हाल में घोषित ऋण माफी योजना के तहत लाभार्थियों के रूप में करीब 89 लाख किसानों का लाभ दिया गया है | आधिकारिक सूचना के अनुसार, लोन माफी के बारे में सभी विवरण एकत्र करने के लिए सरकार एक निजी कंपनी के साथ अनुबंध करेगी |

लाभार्थियों के लिए आवश्यक विवरण :-

  • ऋण खाता और बैंक का विवरण जहां से ऋण का लाभ उठाया गया है |
  • भूमि रिकॉर्ड |

यह योजना निश्चित रूप से किसानों की वित्तीय स्थिति में सुधार करेगी और महाराष्ट्र में किसानों द्वारा की जाने वाली आत्महत्या के मामलों को भी कम करेगी |

Leave a Reply