दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के बारे में जानें

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (DDUGJY) :-

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना / Deendayal Upadhyaya Gram Jyoti Yojana (DDUGJY) ग्रामीण भारत के लिए निरंतर बिजली की आपूर्ति प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा तैयार की गई एक अहम योजना है | यह योजना श्री नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा जनता से किये गए कुछ प्रमुख वादों में से एक देश के सभी भागों में 24X7 निर्बाध बिजली (uninterrupted quality electricity) प्रदान करने की पूर्ती की ओर एक प्रयास है | मौसम की अनिश्चितता के कारण आज देश के लाखों किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए क्रत्रिम साधनों जैसे बोरेवेल, पंप पर निर्भर हैं | इन सभी साधनों मे बिजली की खपत अधिक मात्रा में होती है | इससे न केवल राज्य के वित्तीय बोझ में बृद्धि होती है बल्कि इससे उत्पादन लोड भी बाधित (disrupt) होती है | और बिजली की कटौती जैसी समस्याएं खड़ी हो जाती हैं | देश मे ऐसे कई गाँव हैं जहाँ आज भी बिजली पर्याप्त नहीं है | इसलिए यह योजना उन गाँव के लिए एक वरदान कि तरह हैं |

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DDUGJY योजना को भारतीय राजनीतिक दार्शनिक दीन दयाल उपाध्याय के सम्मान में नामित किया गया है | सरकार इस योजना के तहत ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए 76,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है | यह योजना मौजूदा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (RGGVY) की जगह लेगा | इस योजना के लिए मोदी सरकार ने बिहार की राजधानी पटना को चुना है | इसी तरह की एक योजना गुजरात में पहले से ही कार्यरत है |

DDUGJY की पृष्ठभूमि :-

  • देश के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और गैर कृषि उपभोक्ता (घरेलू और गैर घरेलू लोड) आम तौर पर स्थानीय वितरण नेटवर्क के माध्यम से सेवित होते हैं | देश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में अपर्याप्त बिजली आपूर्ति की समस्या है जिसके फलस्वरूप वितरण कंपनियां बिजली की कटौती करने के लिए मजबूर हैं इस प्रकार दोनों कृषि और गैर कृषि उपभोक्ता बिजली की आपूर्ति से प्रभावित होते हैं |
  • ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों के जीवन स्तर (Living Standards) में काफी सुधार हो रहा है जिससे उपभोक्ताओं में बिजली की मांग दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है | इसलिए ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए नियमित रूप से इसमें परिवर्तन किए जाने की जरूरत है |
  •  वितरण कंपनियों की खराब वित्तीय सेहत की वजह से वितरण नेटवर्क में निवेश कम है | इसलिए आपूर्ति वितरण नेटवर्क की गुणवत्ता (quality) और विश्वसनीयता (reliability) को बढ़ाने के लिए इसे मजबूत करने की जरूरत है |
  • बिजली वितरण की वाणिज्यिक व्यवहार्यता (commercial viability) में सुधार करने के लिए, सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए metering की जरूरत है |

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DDUGJY का उद्देश्य :-

  • सभी गांवों का विद्युतीकरण (electrification) करना अर्थात सभी गांवों को बिजली की सुविधा प्रदान करना |
  • फीडर विभक्तिकरण (Feeder separation) द्वारा किसानों के लिए पर्याप्त बिजली और अन्य उपभोक्ताओं के लिए नियमित बिजली  आपूर्ति सुनिश्चित करना |
  • सब-ट्रांसमिशन (Sub-transmission) और वितरण नेटवर्क में सुधार कर पावर सप्लाई (power supply) की गुणवत्ता (quality) और विश्वसनीयता (reliability) में सुधार करना |
  • Metering द्वारा घाटे को कम करना |

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DDUGJY का कार्यान्वयन और वित्तीय सहायता :-

योजना की पूर्ण कार्यान्वयन की अवधि के लिए 43,033 करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत है जिसमे भारत सरकार से 33,453 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता की आवश्यकता भी शामिल है | प्राइवेट डिस्कॉम (Private Discoms) और राज्य विद्युत विभागों (State Power Departments) सहित सभी डिस्कॉम (Discoms) इस योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए पात्र हैं | डिस्कॉम (Discoms) विशिष्ट नेटवर्क में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के काम को प्राथमिकता देंगे और इस योजना के तहत कवरेज (coverage) के लिए परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट / Detailed Project Reports (DPRs) तैयार करेंगे | ग्रामीण विद्युतीकरण निगम / Rural Electrification Corporation (REC) इस योजना के संचालन के लिए नोडल एजेंसी (Nodal Agency) है | यह इस योजना के कार्यान्वयन की वित्तीय और भौतिक प्रगति की मासिक रिपोर्ट विद्युत मंत्रालय (Ministry of Power) और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (Central Electricity Authority) को प्रस्तुत करेंगे |

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सचिव (विद्युत) की अध्यक्षता में Monitoring Committee परियोजनाओं को मंजूरी देगी और साथ ही इस योजना के कार्यान्वयन (implementation) पर निगरानी रखेगी | योजना के तहत  निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार इस योजना के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए विद्युत मंत्रालय (Ministry of Power) की ओर से नोडल एजेंसी (Nodal Agency) के रूप में REC, राज्य सरकार और डिस्कॉम (Discoms)  के बीच उपयुक्त त्रिपक्षीय समझौते (Tripartite Agreement) को क्रियान्वित किया जाएगा |राज्य विद्युत विभागों के मामले में द्विपक्षीय समझौते (Bipartite agreement) को क्रियान्वित किया जाएगा |

DDUGJY से लाभ :-

  • सभी गांवों और घरों का विद्युतीकरण (electrification) किया जाएगा |
  • कृषि उपज (agriculture yield) में वृद्धि होगी |
  • छोटे और घरेलू उद्यमों के व्यापार में बृद्धि के परिणामस्वरूप रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे |
  • स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग (ATM) सेवाओं में सुधार होगा |
  • रेडियो, टेलीफोन, टेलीविजन, इंटरनेट और मोबाइल आदि संचार सेवाओं में सुधार होगा |
  • बिजली की उपलब्धता से सामाजिक सुरक्षा में सुधार होगा |
  • स्कूलों, पंचायतों, अस्पतालों और पुलिस स्टेशनों आदि में बिजली की सेवा दुरुस्त होगी  |
  • ग्रामीण क्षेत्रों के लिए व्यापक विकास अवसरों में वृद्धि होगी |

कुछ अन्य मुख्य विशेषताएं : –

  • मौजूदा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (RGGVY) को नई योजना में सम्मिलित किया गया है और राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना (RGGVY) में की खर्च नहीं की गई राशि को DDUGJY में आगे बढ़ाया जाएगा |
  • योजना के तहत सभी डिस्कॉम(Discoms) वित्तीय सहायता के लिए पात्र हैं |
  • ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड (REC) योजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी (Nodal Agency) होगी |

 

 

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