30 जनवरी – सर्वोदय दिवस या शहीद दिवस | Gandhi Assassinated

राष्ट्र पिता मोहनदास करमचंद गांधी जिनकी 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे द्वारा हत्या कर दी गई थी इस दिन को पूरे देश में शहीद दिवस (Martyrs Day) के रूप में मनाया जाता है | भारत के विभाजन के लिए गोडसे, गांधीजी को जिम्मेदार मानते थे इसलिए उन्होंने गांधी जी को गोली मार दी | इस बुरे काम के लिए गोडसे को 15 नवंबर 1949 को फांसी पर लटका दिया गया था |

Martyrs Day (सर्वोदय दिवस या शहीद दिवस) :

भारत में शहीद दिवस भारत की आजादी के लिए लड़ने वाले महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मनाया जाता है | उन महापुरुषों ने भारत की प्रगति और कल्याण और के लिए अपने जीवन का बलिदान दे दिया | यह 30 जनवरी को देश भर में हर साल मनाया जाता है |
महात्मा गांधी का जन्म एक बनिया (व्यापारी) परिवार में हुआ था, लेकिन उन्हें हमेशा उनके धर्म मानवता के लिए याद किया जाता है | वे अहिंसावादी थे उनका विश्वास युद्ध से ज्यादा अहिंसा (non-violence) पर था स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए उन्होंने अहिंसा (non-violence) को ही अपना हथियार बनाया | भारत में शहीद दिवस 30 जनवरी और 23 मार्च को मनाया जाता है |

30 जनवरी को शहीद दिवस क्यों मनाया जाता है :

शहीद दिवस हर साल 30 जनवरी को मनाया जाता है | महात्मा गांधी (बापू) की शाम की प्रार्थना के दौरान सूर्यास्त से पहले वर्ष 1948 में हत्या कर दी गई थी | वे भारत के एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे और उन्हें लाखों शहीदों में सबसे ऊपर गिना जाता है | उन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में भारत की स्वतंत्रता, कल्याण और विकास के लिए बहुत काम किया है | भारत सरकार द्वारा 30 जनवरी को महात्मा गांधी के शहीद दिवस के रूप में मनाना घोषित किया गया है | तब से, महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि (tribute) अर्पित करने के लिए हर साल 30 जनवरी को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है |

वर्ष 1948 में 30 जनवरी का दिन देश के लिए सबसे दुखद दिन था जो भारतीय इतिहास में सबसे मार्मिक दिन बन गया है | गांधी स्मृति, बिरला हाउस में एक जगह है जहां महात्मा गांधी को शाम की प्रार्थना के दौरान मार दिया गया था | उनकी हत्या भारी भीड़ के सामने कर दिया गया था जो वह शाम की प्रार्थना के लिए एकत्रित हुई थी | उनकी हत्या के बाद, लोगों का एक बड़ा समूह बापू को एक नजर देखने के लिए बिरला हाउस के सामने इकट्ठा हो गया था | बापू उन महान व्यक्तियों में से एक थे जो भारत की आजादी के लिए लाखों पुरुषों और महिलाओं के साथ अपना पूरा जीवन बलिदान कर दिया और शहीद हो गए |

इसलिए भारत में शहीद दिवस हर साल सभी भारतीय शहीदों को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है | भारत की स्वतंत्रता के बाद, बापू ने सामंजस्य स्थापित करने के लिए मिशन पर काम शुरू कर दिया था | भारत की स्वतंत्रता के बाद, बापू ने भारत के लोगों के बीच भाईचारे, शांति और सामंजस्य स्थापित करने के लिए मिशन पर काम शुरू कर दिया था लेकिन इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी |

शहीद दिवस कैसे मनाया जाता है :

इस दिन में भारत के राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री सहित सेना प्रमुख महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर एक साथ मिल कर बापू की प्रतिमा को फूल माला चढ़ा कर उन्हें श्रद्धांजलि भेट करते हैं | सशस्त्र बलों के कर्मियों और इंटर-सर्विसेज दल द्वारा  शहीदों को सम्मान देने के लिए सलामी दी जाती है |

फिर, इकट्ठे हुए सभी लोग राष्ट्र पिता बापू , और देश भर में अन्य शहीदों की याद में 2 मिनट का मौन रखते हैं | इसी जगह पर धार्मिक प्रार्थना और भजन प्रियजनों द्वारा गाए जाते हैं |

स्कूलों के बच्चे बापू की तरह कपड़े पहनकर इस दिन होने वाले समारोह में भूमिका निभाने के लिए इकट्ठे होते हैं | शहीद दिवस पर स्कूलों के छात्रों द्वारा बापू के जीवन से संबंधित विभिन्न अन्य कार्यों को किया जाता है |

हालांकि भारत में एक से अधिक शहीद दिवस (राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोदय दिवस के रूप में भी जाना जाता है) को देश के अन्य शहीदों के सम्मान के लिए घोषित किया गया है।

भारतीय शहीद :

  1. Mahatma Gandhi : 30 जनवरी
  2. Bhagat Singh : 23 मार्च
  3. Shivaram Rajguru : 23 मार्च
  4. Sukhdev Thapar : 23 मार्च
  5. Lala Lajpat Rai : 17 नवम्बर
  6. Rani Lakshmibai : 19 नवम्बर

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