15th September – संचायिका दिवस | Sanchayika Day

संचायिका दिवस (Sanchayika Day) :-

प्रतिवर्ष 15 सितंबर को संचायिका दिवस (Sanchayika Day) पूरे भारत में मनाया जाता है ताकि छात्रों में पैसे बचाने की आदतों को बढ़ावा दिया जा सके | यह लड़कियों के सरकारी कॉलेज में लघु बचत निदेशालय, चंडीगढ़ द्वारा आयोजित किया जाता है | राष्ट्रीय बचत संस्थान (National Savings Institute) और चंडीगढ़ केंद्र ने भी आंदोलन में भाग लिया है |

इस दिन के आयोजन के दौरान, विभिन्न स्कूलों के प्रमुख से अपील की जाती है कि वे विद्यार्थियों और माता-पिता को उनकी बचत की आदतों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करें | एक रिपोर्ट के अनुसार यह ज्ञात हुआ है कि करीब 42 स्कूलों ने पहले ही इस आयोजन में भाग लिया है और कुछ और जल्द ही इस आंदोलन से जुड़ रहे हैं | इस योजना को स्वीकार करने और इसे मनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं | संचायिका योजना में योगदान करने के लिए कुछ छात्रों और स्कूलों को सम्मानित भी किया गया है |

संचायिका बैंक (Sanchayika Bank) :-

संचायिका शब्द का प्रयोग बैंक के रूप में भी किया जाता है जिसका संचालन छात्रों द्वारा छात्रों के लिए किया जाता है | इस योजना के अनुसार छात्रों का बैंक खाता चलाने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को छोटी उम्र में ही बचत करने की आदत में सुधार के साथ-साथ उन्हें अधिक realistic तरीके से बैंकिंग परिचालनों को सिखने के लिए प्रोत्साहित करना है | छात्रों को बैंक खाते या डाक घर खाते खोलने की जरूरत होगी |

वर्ष 1970 की शुरुआत में, भारत सरकार ने राष्ट्रीय बचत के तहत संचायिका के रूप में छात्रों के लिए स्कूल में बैंकिंग की सुविधा के लिए प्रावधान किया था |

संचायिका दिवस मनाने का महत्व :-

National Savings Institute Chandigarh Centre के क्षेत्रीय निदेशक ने विद्यार्थियों में पैसे की बचत और पैसा आसानी से प्रबंधित करने की आदत को बढ़ावा देने के लिए इस दिन के उत्सव के महत्व को समझाया है | यह ध्यान देने योग्य बात है कि कॉलेज और विद्यालयों के लगभग 29,000 छात्रों ने इस योजना को स्वीकार कर लिया है | इस योजना को सफल बनाने के लिए, भारत सरकार ने राष्ट्रीय बचत के तहत संचयिका के माध्यम से स्कूलों में बैंकिंग सुविधाओं को आसान बना दिया है |

संचायिका दिवस मनाने का उद्देश्य :-

  • छोटी उम्र में छात्रों में पैसे बचाने की आदत को प्रोत्साहित करना |
  • बैंकिंग सुविधाओं के बारे में छात्रों को जागरूक करना |
  • विद्यार्थी अपने शुरुआती करियर में ही व्यवस्था और धन प्रबंधन को सीख सकते हैं |

संचायिका योजना :-

संचायिका योजना स्कूलों में छात्रों के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक धन बचत प्रणाली (money saving system) है | वर्तमान में संचायिका योजना लगभग 17 केंद्र शासित प्रदेश के विद्यालयों में चल रही है, जिसमें लगभग 9, 826 छात्रों ने pocket money से नकद पैसे बचाने की शुरुआत की | वर्ष 2010 से 2011 तक, छात्रों द्वारा बचत की गई कुल नकद राशि 50.56 लाख थी | वर्ष 2010 से 2011 तक भारत भर में छात्रों द्वारा बचत की गई कुल धन राशि 2,66,000 करोड़ थी |

संचायिका योजना की प्रक्रिया :-

  • स्कूल समिति में छात्र और शिक्षक होंगे |
  • स्कूल समिति को संचायिका खोलने की अनुमति देने की आवश्यकता होगी |
  • इस योजना को संचालित करने के लिए स्कूल प्रमुख को सरकार से अनुमति की आवश्यकता होगी |
  • स्कूल प्रमुख को पास के डाक घर में स्कूल के नाम से SB Account खोलने की जरूरत होगी |
  • संचायिका के दैनिक संचालन के लिए स्कूल प्रमुख जिम्मेदार होगा |
  • संस्था छोड़ने के बाद छात्र का खाता बंद किया जा सकता है |

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