देश के 14वें राष्ट्रपति – माननीय राम नाथ कोविंद जी के बारे में जाने

राम नाथ कोविंद (14th President of India Ram Nath Kovind Ji):-

राम नाथ कोविंद को 7,02,044 वोट (65.65%) जीत के मार्जिन के साथ 20 जुलाई 2017 को भारत का 14 वां राष्ट्रपति चुना गया है | उन्होंने 25 जुलाई 2017, मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में भारत के 14 वें राष्ट्रपति, भाजपा के प्रथम और दलित समुदाय के दूसरे (के.आर. नारायणन के बाद) राष्ट्रपति  के रूप में शपथ ग्रहण की | दो बार राज्यसभा सदस्य रहे कोविंद पेशे से वकील (advocate) हैं, जिन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय (High Court) और सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में अपनी सेवाएं दी हैं | साथ ही वे 1998 से 2002 तक भाजपा दलित मोर्चा के अध्यक्ष रहे हैं | 2015 से 2017 तक वे बिहार के गवर्नर रहे हैं |

राम नाथ कोविंद का प्रारंभिक जीवन :-

राम नाथ कोविंद  का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को कानपुर जिले के डेरापुर तहसील के छोटे से गाँव परौंख में हुआ था | इनके पिता का नाम स्वर्गीय मैकूलाल और माता का नाम स्वर्गीय कलावती है | राम नाथ कोविंद अपने 5 भाइयों मोहन लाल, प्यारेलाल, रामस्वरूप और शिवबालक में सबसे छोटे हैं | राम नाथ कोविंद का जन्म कोरी जाति में हुआ था जो उत्तरप्रदेश में अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है | 30 मई 1974 को उनका विवाह सविता कोविंद से हुआ था |

राम नाथ कोविंद की शिक्षा :-

राम नाथ कोविंद की प्रारंभिक शिक्षा गांव से ही हुई | फिर उन्होंने कानपुर के Bishambhar Nath Sanatan Dharam (BNSD) Inter College से 12वीं तक की पढाई की | उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से B.Com और DAV कॉलेज से LLB की डिग्री हासिल की | अपनी वकालत की पढाई के बाद वे दिल्ली जाकर Civil Services Examination की तैयार करने लगे और अपने तीसरे प्रयास में सफल भी रहे | लेकिन इन्होंने नौकरी नहीं की बल्कि Law का अभ्यास करने का निश्चय किया |

 

राम नाथ कोविंद ने अपने वकालत की शुरुआत दिल्ली उच्च न्यायलय (High Court) से की | 1971 में उन्हें Delhi bar council के लिए nominate किया गया था | दिल्ली उच्च न्यायलय (High Court) में वे 1977-79 तक केंद्र सरकार के वकील रहे | और 1980 से 1993 के बीच केंद्र सरकार के standing council में थे | दिल्ली उच्च न्यायलय (High Court) और सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में इन्होंने 16 वर्ष अभ्यास किया |

राम नाथ कोविंद का राजनैतिक करियर :-

वर्ष 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने पर वे प्रधान मंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव बने और यही से उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई | वर्ष 1990 में राम नाथ कोविंद ने घाटमपुर से लोकसभा सीट के लिए चुनाव लड़ा लेकिन हार गए | वर्ष 1991 में वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए | वर्ष 1994 में उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्य सभा सांसद चुना गया और वर्ष 2000 में वे पुनः उत्तर प्रदेश से राज्य सभा पहुंचे | इस प्रकार राम नाथ कोविंद लगातार 12 वर्ष तक राज्यसभा सांसद रहे | राम नाथ कोविंद भारतीय जनता पार्टी (BJP)  के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे हैं |

संसद में अपने कार्यकाल के दौरान, राम नाथ कोविंद ने निम्नलिखित संसदीय समितियों के सदस्य के रूप में कार्य किया :

  • Parliamentary Committee on Welfare of Scheduled Castes/Tribes,
  • Parliamentary Committee on Home Affairs,
  • Parliamentary Committee on Petroleum and Natural Gas,
  • Parliamentary Committee on Social Justice and Empowerment,
  • Parliamentary Committee on Law and Justice,
  • Rajya Sabha House Committee.

पार्टी के दलित चेहरे के रूप में रही पहचान :-

राम नाथ कोविंद 12 वर्ष राज्यसभा सांसद रहे इस दौरान उन्होंने शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को उठाया | वह कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे हैं | राम नाथ कोविंद की पहचान दलित चेहरे के रूप में रही है | छात्र जीवन में उन्होंने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के हित के लिए काफी काम किया | ऐसा कहा जाता है कि वकील रहने के दौरान राम नाथ कोविंद ने ग़रीब दलितों के लिए मुफ़्त में क़ानूनी लड़ाई लड़ी |

भाजपा दलित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे रामनाथ कोविद अखिल भारतीय कोली समाज अध्यक्ष भी रहे हैं | वर्ष 1986 में दलित वर्ग के कानूनी सहायता ब्यूरो के महामंत्री भी रहे हैं | दलितों के बीच उनकी गहरी पैठ की वजह से ही वर्ष 2012 के उत्तर प्रदेश चुनाव में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने दलित क्षेत्र में प्रचार के लिए इनकी मदद ली थी |

राम नाथ कोविंद की अन्य गतिविधियां :-

राम नाथ कोविंद आदिवासी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सामाजिक न्याय, कानून न्याय व्यवस्था और राज्यसभा हाउस कमेटी के chairman भी रहे हैं | Governors of Indian Institute of Management, Kolkata के भी सदस्य रहे हैं | इसके अलावा इन्होंने Dr B.R Ambedkar University, Lucknow में Board of Management के सदस्य के तौर पर भी काम किया | राम नाथ कोविंद ने संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations) में भारत का प्रतिनिधितव भी किया है और अक्टूबर 2002 में General Assembly को सम्बोधित भी किया है |
राम नाथ कोविंद हरिद्वार के दिव्य सेवा प्रेम मिशन के आजीवन संरक्षक है जो कुष्ठ रोगियों के लिए समर्पित एक संस्था है | वकालत के दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं को कानूनी तौर पर मिलने वाली कई मुफ्त सुविधाएं दिलवाई | इन्हीं के प्रयासों से  “free legal aid society” जैसी संस्था अस्तित्वा में आयीं | वकील रहने के दौरान उन्होंने कई गरीब दलितों के लिए मुफ्त में कानूनी लड़ाई लड़ी |
राम नाथ कोविंद ने गरीबों की भलाई के लिए अपना पुश्तैनी घर दान कर दिया जो अब बरात घर के रूप में उपयोग होता है | घाटमपुर के कुष्मांडा देवी मंदिर में भक्तों के लिए पीने के पानी की समस्या को समाप्त करने के लिए उन्होंने ही नलकूप लगवाए थे |

Leave a Reply