मध्य प्रदेश पुलिस की “समर्थ संगिनी योजना” के बारे में जानें

महिलाओं और बालिकाओं को पर होने वाले अपराधों में कमी लाने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने “समर्थ संगिनी योजना” शुरू की है | इसे पहले नवाचार के रूप में बैतूल जिले में शुरू किया गया था | बैतूल जिले में मिले अच्छे परिणामों के बाद अब इस योजना को पूरे राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया है |

पुलिस महानिदेशक / Director-General of Police (DGP) ऋषि शुक्ला ने इस संबंध में सभी पुलिस अधीक्षकों / superintendents of police (SPs) को निर्देश दिया है | राज्य पुलिस विभाग महिलाओं की सुरक्षा के लिए राज्य भर में इस योजना को लागू कर रहा है |

राज्य सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायकों, गैर सरकारी संगठनों और परामर्श एजेंसियों के सदस्यों को एक नेटवर्क के रूप में संयोजित कर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध की जांच करेगी | इस योजना के तहत अपराध के बारे में पुलिस को सूचित करने के लिए महिलाओं को प्रेरित किया जायेगा |

समर्थ संगिनी योजना – महिला सुरक्षा :-

राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की जाँच करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional superintendent of police (ASP))/ उप पुलिस अधीक्षक (Deputy superintendent of police (DSP)) को नोडल अधिकारी (Nodal Officer) का पद आवंटित किया है | इस योजना के तहत सभी महिलाओं को छेड़छाड़, बलात्कार और घरेलू हिंसा की घटनाओं सहित उनके साथ हुए अपराध के खिलाफ रिपोर्ट करने की अनुमति होगी जिसे वे अक्सर दरकिनार करती हैं |

योजना को पहले से ही राज्य के बैतूल जिले में चलाया जा रहा है और वहां यह उत्कृष्ट पहल साबित हुई है | उसके बाद ही पुलिस विभाग ने राज्य के सभी जिलों में इस योजना का विस्तार करने का फैसला किया है | “समर्थ संगिनी योजना” को 4 महीने पहले बैतूल जिले में शुरू किया गया था | इन 4 महीनों के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराध के ग्राफ में तेजी से गिरावट आई है |

इस योजना के माध्यम से, पुलिस विभाग को महिलाओं के साथ हुए अपराधों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल जाएगी | जिससे राज्य में  इस तरह की घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी |

योजना में पुलिस विभाग की गतिविधियां :-

इस योजना में आशा, ऊषा,  आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका सहित ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को एक नेटवर्क के रूप में संयोजित किया गया | जो स्थानीय स्तर पर होने वाली घटनाओं की सूचना पुलिस तक पहुंचाएंगी | इस योजना के तहत हर माह थाना प्रभारी आशा, ऊषा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से संपर्क करेंगे | उनसे मीटिंग करके काउन्सलिंग की जाएगी | इससे पुलिस सीधे गांव और मोहल्ले की महिलाओं से जुड़ सकती है | महिलाओं में भी सुरक्षा की भावना जाग्रत होगी |

योजना का उद्देश्य :-

  • महिलाओं और बालिकाओं से सम्बंधित अपराधों में कमी लाना |
  • स्थानीय झगड़ों एवं विवादों की जानकारी प्राप्त करना |
  • जनता में सौहाद्रपूर्ण वातावरण का निर्माण करना |
  • सुरक्षित वातावरण का निर्माण करना |
  • अपराध एवं अपराधियों की सूचना एकत्रित करना |
  • जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाना |
  • महिलाओं को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना |

 

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