मध्यप्रदेश सरकार की “विधवा पुनर्विवाह योजना”

विधवा पुनर्विवाह योजना (Vidhava Punarvivah Yojana):-

विधवा पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने विधवा पुनर्विवाह (Vidhava Punarvivah) नामक नई योजना शुरू की है | इस योजना के तहत किसी विधवा से शादी करने वाले व्यक्ति को सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी | इस योजना के लाभ उठाने के लिए दुल्हन और दूल्हे दोनों को कुछ कारकों और शर्तें का पालन करना होगा | राज्य की युवा विधवा महिलाओं के पुनर्विवाह को महत्व देने के लिए इस योजना को शुरू किया गया है |

मध्य प्रदेश विधवा पुनर्वविवाह योजना (Madhya Pradesh Vidhava Punarvivah Yojna) को अक्टूबर 2017 में शुरू किया गया है | इस योजना को आधिकारिक तौर पर मध्य प्रदेश सामाजिक न्याय विभाग (Social Justice Department) द्वारा शुरू किया गया है | जुलाई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय को विधवा पुनर्विवाह के समर्थन में पहल करने के आदेश दिए थे | देश में आज भी ऐसे कई समाज हैं जहां विधवा पुनर्विवाह को स्वीकार नहीं किया जाता है | सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के तुरंत बाद ही मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना को शुरू कर दिया |

योजना की प्रमुख विशेषताएं :-

  • उद्देश्य :- इस योजना का मुख्य उद्देश्य विधवा पुनर्विवाह का समर्थन करना है | प्रति वर्ष कई युवा महिलाऐं दुर्घटनाओं में या बीमारी के कारण अपने पतियों को खो देती हैं | ऐसे में यदि उनका समाज विधवा को शादी करने के लिए प्रोत्साहित नहीं करता तो उन्हें अकेले ही जीवन बिताना होगा साथ ही जीवन के उतार चढ़ावों का सामना भी अकेले ही करना होगा | यह योजना उन्हें एक नया जीवन और नए जीवन साथी को पाने में मदद करेगी |
  • वित्तीय सहायता :- इस योजना की मुख्य विशेषता यह है कि विवाह के बाद जोड़े को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी | प्रत्येक व्यक्ति जो किसी विधवा से शादी करेगा उसे इस योजना के तहत सरकार द्वारा 2 लाख रुपये का वित्तीय पुरूस्कार प्रदान किया जायेगा | शादी के बाद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा |
  • विवाह रजिस्ट्री :- इस योजना के तहत, विवाहित जोड़ों को जिला कलेक्टर के साथ अपनी शादी का पंजीकरण दर्ज करना होगा | यदि कोई उचित पंजीकरण नहीं मिला तो विवाह को मान्य नहीं माना जायेगा |

योजना के लिए आवश्यक योग्यता :-

  • विधवा की उम्र 18 से 45 वर्षों के बीच होनी चाहिए | 45 वर्ष से अधिक उम्र की विधवाऐं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी | वे पुनर्विवाह कर सकती हैं लेकिन सरकार से उन्हें कोई वित्तीय पुरूस्कार प्रदान नहीं किया जायेगा |
  • पुरुष को पहले से शादी शुदा नहीं होना चाहिए | इस योजना के अंतर्गत विधवा महिला से विवाह करने वाला पुरुष विवाहित / तलाकशुदा / अलग नहीं होना चाहिए | यह उसकी पहली शादी होनी चाहिए |
  • दुल्हा और दुल्हन दोनों को मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए | उनके पास मध्य प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए | कोई प्रवासी / शरणार्थी या अन्य राज्यों का कोई भी व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा |
  • इस योजना के तहत शादी पंजीकृत होनी चाहिए | अनिवार्य दस्तावेज प्रदान किए जाने चाहिए | शादी के कानूनी पंजीकरण के बिना इस विवाह को मान्य नहीं माना जाएगा |

योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज :-

  • विधवाओं को पंजीकरण के समय अपने दिवंगत पति का मृत्यु प्रमाण पत्र जमा करना होगा | मृत्यु प्रमाण पत्र मान्यता प्राप्त संगठन / डॉक्टर / अस्पताल / जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय द्वारा जारी किया होना चाहिए |
  • इस योजना में पजीकरण करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है | दूल्हे और दुल्हन दोनों को अपना पहचान प्रमाण जैसे PAN Card, Voter Id या Driving License Number जमा करना होगा |
  • जैसा कि बताया जा चूका है कि विवाह पंजीकरण का उल्लेख अनिवार्य है | विवाह पंजीकरण प्रक्रिया के लिए उम्र प्रमाण, स्थान/ आवासीय प्रमाण पत्र और तस्वीरें आवश्यक हैं |
  • इस योजना में पुरुषों के आय का विवरण और वेतन संबंधित दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है | शादी के समय दूल्हे या दुल्हन के पेशे के बारे में सूचित करना अनिवार्य है |

योजना का बजट :-

इस योजना के लिए एक वर्ष का कुल बजट 20 करोड़ रुपये है | योजना की पूरी लागत का वहन राज्य के सामाजिक न्याय विभाग और मध्य प्रदेश राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा |

एक रिपोर्ट के अनुसार, हर साल कम से कम 1000 युवा लड़कियां अपने पतियों को खो देती हैं | इस योजना को लागू करके scenario को बदला जा सकता है | अधिकारियों ने वादा किया है कि योजना के कार्यान्वयन के 3 माह के भीतर मध्यप्रदेश में वार्षिक 1000 विधवा पुनर्विवाह होंगे | यह योजना न केवल बहुत प्रगतिशील है बल्कि मानवता की दृष्टि से भी यह एक खास पहल है जो मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई है |

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